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लॉर्ड विलिंगडन, 1931-1936 (Lord Willingdon, 1931-1936) आधुनिक भारत

लॉर्ड विलिंगडन, 1931-1936 (Lord Willingdon, 1931-1936) आधुनिक भारत (MODERN INDIA)

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लॉर्ड विलिंगडन, 1931-1936 (Lord Willingdon)

  • लॉर्ड विलिंगडन के काल में मुख्य रूप से संवैधानिक सुधार और राजनैतिक आंदोलन के मुद्दे छाये रहे.
  • संवैधानिक सुधारों के लिए दूसरा गोलमेज सम्मेलन सितम्बर 1931 में प्रारम्भ होकर दिसम्बर में खत्म हुआ.
  • इसमें कांग्रेस की ओर से एकमात्र प्रतिनिधि महात्मा गांधीजी ने भाग लिया, लेकिन विधान सभाओं में साम्प्रदायिक विषय पर मतभेद होने के कारण सम्मेलन में कोई निर्णय नहीं हो सका.
  • अतः अगस्त, 1932 में ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर अपने फैसले की घोषणा की, जिसे ‘साम्प्रदायिक निर्णय‘ कहते हैं.
  • इसके विरोध में महात्मा गांधीजी आमरण अनशन पर बैठ गये.
  • ऐसी स्थिति में महात्मा गांधी और डॉक्टर बी. आर. अंबेडकर के बीच पूना समझौता हुआ और साम्प्रदायिक निर्णय पर संशोधन किया गया.
  • तीसरा गोलमेज सम्मेलन 1932 में लंदन में शुरू हुआ.
  • इसमें लिए गये निर्णयों के आधार पर ही भारत शासन अधिनियम, 1935 बनाया गया.
  • विलिंगडन अपनी दमनपूर्ण नीतियों के कारण एक घृणित गवर्नर जनरल था.

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