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विज्ञान की शाखाएँ  (Branches of Science in Hindi) सामान्य विज्ञान (General Science) आधारभूत जानकारियाँ (Basic Informations)

विज्ञान की शाखाएँ (Branches of Science) सामान्य विज्ञान (General Science)

 

कृषिजैविकी (Agrobiology)

  • यह पादप जीवन (Plant Life) तथा पादप पोषण (Plant Nutrition) से सम्बन्धित विज्ञान की शाखा है.

एग्रोनॉमिक्स (Agronomics)

  • यह भूमि व फसलें के प्रबन्ध से संबंधित विज्ञान है.

एग्रोनॉमी (Agronomy)

  • इसमें खाद्यान्नों के उत्पादन व कृषि से संबंधित तकनीकी एवं विकास का अध्ययन किया जाता है.

एग्रोस्टोलॉजी (Agrostology)

  • यह घास (Grass) के अध्ययन से संबंधित विज्ञान है.

एलकेमी (Alchemy)

  • रसायन सम्बन्धी विज्ञान की शाखा है .

शारीरिकी (Anatomy)

  • यह जीव-जन्तुओं तथा पौधों की शरीर रचना से सम्बन्धित विज्ञान है .

मानव विज्ञान (Anthropology)

  • विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत मानव के विकास, रीति रिवाज, इतिहास और सामाजिक परम्पराओं से संबंधित विषयों का अध्ययन किया जाता है.

मधुमक्खी पालन (Apiculture)

  • इसमें मधुमक्खियों के पालन तथा उनकी प्रजातियों के विकास का अध्ययन किया जाता है.

आरबरीकल्चर (Arboriculture)

  • यह पेड़ों (Trees) तथा सब्जियों के उगाने से सम्बन्धित विज्ञान की शाखा है.

पुरातत्व विज्ञान (Archaeology)

  • यह शाखा प्राचीन ऐतिहासिक स्मारकों, प्राचीन संस्कृति एवं प्राचीन तथ्यों व अभिलेखों के अध्ययन से संबंधित है.

ज्योतिष विज्ञान (Astrology)

  • इसमें ग्रहों, राशियों, नक्षत्रों एवं तारों को सापेक्षिक गति का अध्ययन कर मानव जीवन पर इसके प्रभाव का अध्ययन किया जाता है.

खगोल विज्ञान (Astronomy)

  • इसमें खगोलीय पिण्डों की गति का अध्ययन किया जाता है.

अन्तरिक्ष यानिकी (Astronautics)

  • इसमें अन्तरिक्ष यात्रा से संबंधित विषयों का अध्ययन किया जाता है.

खगोल भौतिकी (Astrophysics)

  • इसके अन्तर्गत आकाशीय पिण्डों में विद्यमान शक्तियों व उनके प्रभावों का अध्ययन किया जाता है.

जीवाणु विज्ञान (Bacteriology)

  • यह जीवाणुओं की . संरचना, उनसे सम्बन्धित रोगों व निदान से सम्बन्धित विज्ञान है.

जैव रासायनिकी (Biochemistry)

  • यह सजीवों के शरीर में होने वाली रासायनिक क्रियाओं के अध्ययन से सम्बन्धित विज्ञान है.

जीव विज्ञान (Biology)

  • यह सजीवों के अध्ययन से सम्बन्धित विज्ञान की शाखा है, जिसकी अनेक उपशाखायें हैं.
  • इनमें दो प्रमुख शाखाएँ-
  1. जंतु विज्ञान (Zoology) तथा
  2. वनस्पति विज्ञान (Botany) 

जीवमिति (Biometry)

  • जीव विज्ञान में प्रयुक्त गणित व सांख्यिकी का अध्ययन इस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है.

जैवतांत्रिकी (Bionics)

  • विज्ञान की यह शाखा जन्तुओं के तंत्रिका तंत्र (Nervous System) के अध्ययन से सम्बन्धित है .

बायोनॉमिक्स (Bionomics)

  • किसी जन्तु या पौधे का वातावरण के साथ सम्बन्ध का अध्ययन इसी शाखा के अन्तर्गत किया जाता है.

बायोनॉमी (Bionormy)

  • जीवन के सिद्धान्तों (Law of Life) से सम्बन्धित विज्ञान है.

जैव भौतिकी (Biophysics)

  • सजीवों की जैविक क्रियाओं (Vital Processes) से सम्बन्धित भौतिक विज्ञान का अध्ययन इस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है.

वनस्पति विज्ञान (Botany)

  • पौधों के अध्ययन से सम्बन्धित विज्ञान की शाखा है. इसमें वनस्पतियों का व्यापक अध्ययन किया जाता है.

मूर्तिका कला (Ceramics)

  • विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत कॉच चीनी मिट्टी के बर्तन बनाने की विधियों का अध्ययन किया जाता है.

रसायन विज्ञान (Chemistry)

  • द्रव्य की संरचना तथा उसके गुणों का अध्ययन विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत किया जाता हैं .

कीमोथैरेपी (Chemotherapy)

  • रासायनिक पदार्थों का प्रयोग करके रोगों का इलाज करने की विधियों का अध्ययन इस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है .

क्रोनोबायोलोजी (Chronobiology)

  • इस शाखा के अन्तर्गत जीवन की अवधि (Duration of Life) का अध्ययन किया जाता है .

क्रोनोलोजी (Chronology)

  • विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत ऐतिहासिक तिथियों और तथ्यों को क्रमबद्ध रूप में रखने का अध्ययन किया जाता है .

कोन्कोलॉजी (Conchology)

  • जन्तु विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत मोलस्का वर्ग के जन्तुओं के बाह्य आवरण (Shell) का अध्ययन किया जाता है .

ब्रह्माण्ड विज्ञान (Cosmology)

  • विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत ब्रह्माण्ड की संरचना, उत्पत्ति एवं इतिहास का अध्ययन किया जाता है .

सृष्टि विज्ञान (Cosmogony)

  • यह ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति सम्बन्धी अध्ययन की शाखा है .

अपराध विज्ञान (Criminology)

  • इसमें अपराध एवं अपराधियों का अध्ययन किया जाता है.

क्रिस्टल विज्ञान (Crystallography)

  • इसमें क्रिस्टलों की संरचना, स्वरूप एवं गुणों का अध्ययन किया जाता है ..

क्रिप्टोग्राफी (Cryptography)

  • इसके अन्तर्गत गूढ लेखन सम्बन्धी ज्ञान का अध्ययन किया जाता है.

निम्न तापिकी (Cryogenics)

  • विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत अत्यन्त निम्न ताप की उत्पत्ति, नियंत्रण एवं अनुप्रयोग का अध्ययन किया जाता है .

कोशिका रासायनिकी (Cytochemistry)

  • कोशिका विज्ञान (Cytology) की इस शाखा के अन्तर्गत कोशिका की रासायनिक क्रियाओं से सम्बन्धित अध्ययन किया जाता है. 

कोशिकानुवांशिकी (Cytogenetics)

  • जीव विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत कोशिका विज्ञान एवं आनुवंशिक विज्ञान के साथ आनुवंशिक गुणों का अध्ययन किया जाता है.

कोशिका विज्ञान (Cytology)

  • इसमें कोशिका की संरचना, उत्पत्ति एवं कार्यों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है.

क्रायोसर्जरी (Cryosurgery)

  • यह शल्य चिकित्सा की अत्याधुनिक विधि है.
  • जिसमें अतिशीतलन के द्वारा रोगाणु युक्त कोशिकाओं को नष्ट कर दिया जाता है.

अंगुलिछाप विज्ञान (Dactylography)

  • इसमें अंगुलिछाप (Fingerprints) से सम्बन्धित अध्ययन किया जाता है जिसका उद्देश्य विशिष्ट व्यक्ति की पहचान करना होता है.

संकेत विज्ञान (Dactyliology)

  • इसमें संकेतों द्वारा संदेश पहुँचाने की तकनीकी का अध्ययन किया जाता है .

पारिस्थितिकी (Ecology)

  • पौधों और जंतुओं पर वातावरण के प्रभाव का अध्ययन इस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है.

अर्थमिती (Econometrics)

  • आर्थिक सिद्धान्तों के परीक्षण के लिए गणित का अनुप्रयोग इस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है.

अर्थशास्त्र (Economics)

  • इस शाखा के अन्तर्गत आर्थिक ज्ञान का अध्ययन किया जाता है.

भ्रूण विज्ञान (Embryology)

  • जीव विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत भ्रूण की संरचना, प्रकार, उत्पत्ति एवं विकारों का अध्ययन किया जाता है.

कीट विज्ञान (Entomology)

  • जीव विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत कीटों (Insects) का अध्ययन किया जाता है .

जनपादिक रोग निदान (Epidemiology)

  • यह चिकित्सा विज्ञान की शाखा है जिसमें जनपादिक रोगों (Epidemic Diseases) और उनके उपचार का अध्ययन किया जाता है.

व्यवहार विज्ञान (Ethology)

  • इस शाखा के अन्तर्गत प्राणियों के व्यवहार (Behaviour) का अध्ययन किया जाता है.

सुजननिकी (Eugenics)

  • यह आनुवांशिक विज्ञान की एक शाखा है जिसके अन्तर्गत मनुष्य की संतति के विकास व नस्ल सुधारने सम्बन्धी क्रिया-कलापों का अध्ययन किया जाता है.

जेनेकोलॉजी (Genecology)

  • पादप जगत के आनुवांशिक संगठन का आवास एवं वातावरण के साथ अध्ययन इसके अन्तर्गत किया जाता है.

जेनेसियोलोजी (Genesiology)

  • इसके अन्तर्गत पीढ़ियों का अध्ययन किया जाता है.

भू-जैविकी (Geobiology)

  • यह पृथ्वी पर पाये जाने वाले जीवों के अध्ययन से सम्बन्धित विज्ञान की शाखा है .

भू-वनस्पतिकी (Geobotany)

  • यह वनस्पति विज्ञान की शाखा है जिसके अन्तर्गत पौधों और पृथ्वी के धरातलीय सम्बन्धों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है.

भू-रासायनिकी (Geochemistry)

  • इसमें भू-पर्पटी (earth’s crust) के रासायनिक संगठन एवं इसमें होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन किया जाता है.

भूगोल (Geography)

  • इसमें पृथ्वी के धरातल, भौतिक दशायें, मौसम, जलवायु और जनसंख्या से सम्बन्धित अध्ययन किया जाता है .

भूगर्भ-विज्ञान (Geology)

  • इस शाखा के अन्तर्गत भूगर्भ सम्बन्धी अध्ययन, उसकी बनावट, संरचना एवं इसमें पाये जाने वाले पदार्थों का अध्ययन किया जाता है .

भू-आकारिकी (Geomorphology)

  • इसमें भूमि के विभिन्न प्रकारों के लक्षण, उत्पत्ति एवं विकास का अध्ययन किया जाता है.

भू-भौतिकी (Geophysics)

  • यह भू-गर्भ में पाये जाने वाले पदार्थों के भौतिक गुणों के अध्ययन से सम्बन्धित विज्ञान की शाखा है.

जीरोन्टोलोजी (Gerontology)

  • इसमें वृद्धावस्था व इसमें होने वाले रोगों का अध्ययन किया जाता है ..

स्त्रीरोग विज्ञान (Gynaecology)

  • चिकित्सा विज्ञान की इस शाखा में स्त्री रोगों व प्रजनन से सम्बन्धित रोगों का अध्ययन किया जाता है.

आनुवांशिक अभियांत्रिकी (Genetic Engineering)

  • यह विज्ञान की अत्याधुनिक शाखा है जिसके अन्तर्गत राजीवों में अति सूक्ष्म जीन स्तर पर रचनात्मक परिवर्तन कर वांछित गुणों की प्राप्ति की जा सकती है .

सूर्य चिकित्सा विज्ञान (Heliotherapy)

  • इसमें सूर्य के प्रकाश द्वारा रोगों की चिकित्सा का अध्ययन किया जाता है.

ऊतिकी (Histology)

  • इसमें ऊतक अर्थात् कोशिकाओं के समूहों से सम्बन्धित अध्ययन किया जाता है.

उधान विज्ञान (Horticulture)

  • वनस्पति विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत फूल, फल, सब्जियाँ एवं आकर्षक पौधों को उगाने की कला का अध्ययन किया जाता है.

घड़ी साजी (Horology)

  • इसमें घड़ी बनाने और समय की माप से सम्बन्धित अध्ययन किया जाता है.

होलोग्राफी (Holography)

  • लेसर किरणों द्वारा त्रिविमीय चित्रों का लेना होलोग्राफी कहलाता है.

होम्योपैथी (Horneopathy)

  • यह चिकित्सा विज्ञान की एक शाखा है जिसका आरम्भ जर्मनी में हुआ.
  • इसमें रोग के कारकों को शर्करा से विभाजित कर उसी रोग के निदान में काम लिया जाता है .

जलगतिकी (Hydrodynamics)

  • गतिशील द्रव पदार्थों के बल, ऊर्जा एवं दाब का गणितोय अध्ययन इसके अन्तर्गत किया जाता है.

हाइड्रोग्राफी (Hydrography)

  • पृथ्वी पर जल स्तर का मापन इस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है जो कि समुद्री यात्रा के लिये उपयोगी है.

जल विज्ञान (Hydrology)

  • इसमें पानी के गुणों का अध्ययन किया जाता है .

हाइड्रोमेटेलर्जी (Hydrometallurgy)

  • इसमें सामान्य ताप पर द्रवों के साथ धातु अयस्कों (Metal Ores) को धो कर (Bleaching) उनसे धातुओं का निष्कर्षण (Extraction) करने की प्रक्रिया का अध्ययन किया जाता है .

जल-चिकित्सा (Hydropathy)

  • जल के द्वारा रोगों की चिकित्सा का अध्ययन इस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है.

जलकृषि (Hydroponics)

  • इसमें मिट्टी के बिना पौधों को उगाया जाता है इसके लिए खनिज पदार्थों को द्रव में घोलकर उसमें पौधों को उगाया जाता है.
  • इसे मृदा-रहित कृषि या जल संवर्द्धन (Water Culture) भी कहते हैं.

जल ध्वनि शास्त्र (Hydrophonics)

  • विज्ञान की यह शाखा ध्वनि के माध्यम से जल सतह के नीचे की वस्तुओं का पता लगाने से सम्बन्धित है.

जल स्थैतिकी (Hydrostatics)

  • द्रवों में बल व दाब के गणितीय अध्ययन से सम्खंधित विज्ञान है .

स्वास्थ्य विज्ञान (Hygiene)

  • इस शाखा के अन्तर्गत स्वास्थ्य, इसकी सुरक्षा एवं वातावरण के स्वास्थ्य पर प्रभाव का अध्ययन किया जाता है.

मेमोग्राफी (Mammography)

  • इसमें स्तन ग्रंथियों (Mammary Glands) की रेडियोग्राफी द्वारा स्तन कैंसर का अध्ययन किया जाता है.

धातु रचना विज्ञान (Metallography)

  • इसके अन्तर्गत विभिन्न धातुओं की आणविक संरचना व गुणों का अध्ययन किया जाता है .

धातुकर्म विज्ञान (Metallurgy)

  • इसके अन्तर्गत धातु के अयस्क (Ore) से धातु प्राप्त करने की प्रक्रिया का अध्ययन किया जाता है .

मौसम विज्ञान (Meteorology)

  • इस शाखा में वातावरण तथा इसमें होने वाले परिवर्तनों एवं अन्तः क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है.

माप विज्ञान (Metrology)

  • इसमें तौल एवं नाप की विधियों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है .

सूक्ष्म जैविकी (Microbiology)

  • इस शाखा के अन्तर्गत जीवाणु, वायरस, माइक्रोप्लाज्मा आदि सूक्ष्म जीवों की संरचना एवं अन्य जीवों पर इनके प्रभाव का अध्ययन किया जाता है.

आकारिकी (Morphology)

  • इसके अन्तर्गत जंतुओं एवं पौधों की बाहरी संरचना (External Structure) का अध्ययन किया जाता है.

कवक विज्ञान (Mycology)

  • इसमें कवक (Fungi) की संरचना एवं जैविक प्रक्रियाओं तथा कवकों द्वारा जीवों में होने वाले रोगों का अध्ययन किया जाता है.

प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy)

  • इसमें जल, मिट्टी, वाष्प आदि प्राकृतिक पदार्थों से असाध्य रोगों की चिकित्सा की जाती है.
  • आजकल यह चिकित्सा पद्धति लोकप्रिय होती जा रही है.

तंत्रिका विज्ञान (Neurology)

  • इस शाखा के अन्तर्गत तंत्रिका तंत्र (Nervous System) का विस्तार, कार्य एवं इसमें उत्पन्न होने वाले रोगों तथा अनियमितताओं का अध्ययन किया जाता है.

तंत्रिका रोग विज्ञान (Neuropathology)

  • इसमें तंत्रिका तंत्र में उत्पन्न होने वाले रोगों का विस्तृत अध्ययन किया जाता है .

तंत्रिका शल्य-चिकित्सा (Neurosurgery)

  • इसके अन्तर्गत तंत्रिका तंत्र में उत्पन्न रोगों का शल्य क्रिया द्वारा इलाज किये जाने की विधियों का अध्ययन किया जाता है.

दंत विज्ञान (Odontology)

  • दाँत की संरचना और दंत विन्यास का अध्ययन इस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है.

प्रकाशिकी (Optics)

  • इसमें प्रकाश की प्रकृति, गुण तथा प्रकाश से संबंधित अन्य विषयों का अध्ययन किया जाता है.

पक्षी विज्ञान (Ornithology)

  • इसमें पक्षियों के स्वभाव, व्यवहार एवं उनके अन्य क्रिया-कलापों का अध्ययन किया जाता है.

आर्थोपेडिक्स (0rthopaedics)

  • पेशीय कंकाल तंत्र के रोगों के निदान, उपचार एवं उनके अन्य क्रिया-कलापों का अध्ययन किया जाता है.

अस्थि विज्ञान (Osteology)

  • इस शाखा के अन्तर्गत अस्थियों का अध्ययन किया जाता है.

पेलियाबॉटनी (Paleobotany)

  • पौधों के जीवाश्मों (Fossils) से संबंधित अध्ययन इस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है.

जीवाश्मिकी (Paleontology)

  • इसमें प्राचीन जीवाश्मों का अध्ययन किया जाता है .

रोग विज्ञान (Pathology)

  • इस शाखा के अन्तर्गत रोग उत्पन्न करने वाले कारकों की पहचान, उनकी संरचना व रोगों के निदान से सम्बन्धित अध्ययन किया जाता है.

प्रकाश जैविकी (Photobiology)

  • यह जीव विज्ञान की शाखा है जिसके अन्तर्गत जीवों पर प्रकाश के प्रभाव का अध्ययन किया जाता है .

कपाल विज्ञान (Phrenology)

  • इसमें मानव के कपाल (Skull) एवं मस्तिष्क (Brain) की सरचना का अध्ययन किया जाता है.

थिसियोलॉजी (Phthisiology)

  • इसमें क्षय रोग (Tuberculosis) का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है.

शैवाल विज्ञान (Phycology)

  • इसमें शैवाल से सम्बन्धित अध्ययन किया जाता है .

औषध विज्ञान (Pharmacology)

  • इस शाखा के अन्तर्गत औषधियाँ बनाने की विधियों तथा उनके गुणों का अध्ययन किया जाता है .

भौतिक विज्ञान (Physics)

  • इसमें द्रव्य के गुणों जैसे श्यानता, प्रत्यास्थता, पृष्ठ तनाव, संपीड़यता एवं इनको प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन किया जाता है.

भौतिक भूगोल (Physiography)

  • इसमें भौतिक पदार्थों के भूगोल से सम्बन्धित अध्ययन किया जाता है. इसमें प्रकृति की आकारिकी तथा उससे सम्बन्धित प्रभावों एवं क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है.

शरीर क्रिया विज्ञान (Physiology)

  • जीव विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत सजीवों की विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं, जैसेश्वसन, संवहन, परिसंरचना, वृद्धि, जनन आदि का अध्ययन किया जाता है.
  • इसकी दो शाखायें हैं-
  1. जन्तु शरीर क्रिया विज्ञान (Animal-physiology) तथा
  2. पादप शरीर क्रिया विज्ञान (Plant physiology).

पादप विकास विज्ञान (Phytogery)

  • इसके अन्तर्गत पौधों की उत्पत्ति एवं विकास का अध्ययन किया जाता है .

फल-कृषि विज्ञान (Pomology)

  • यह फलों के उत्पादन, विकास एवं सुरक्षा से संबंधित विज्ञान की शाखा है.

मनोविज्ञान (Psychology)

  • यह मानव एवं अन्य जंतुओं के व्यवहार से सम्बन्धित विज्ञान है .

विकिरण विज्ञान (Radiology)

  • इसमें रेडियो ऐक्टिवता (Radio Activity) तथा एक्स-किरणों का अध्ययन किया जाता है .

विकिरण-जैविकी (Radiobiology)

  • जीव विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत सजीवों पर विकिरण (Radiation) के प्रभावों का अध्ययन किया जाता है .

विकिरण चिकित्सा (Radiotherapy)

  • इसके अन्तर्गत विकिरणों के द्वारा रोगों के निदान व इससे उत्पन्न होने वाले प्रभावों का अध्ययन किया जाता है.

विकृति विज्ञान (Rheology)

  • पदार्थ की संरचना में उत्पन्न होने वाली विकृति तथा उसके प्रवाह से सम्बन्धित अध्ययन इस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है .

भूकम्प विज्ञान (Seismology)

  • इस शाखा के अन्तर्गत भूकंप के कारणों व उसकी भविष्यवाणियों से सम्बन्धित वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है.

चंद्र विज्ञान (Selinology)

  • चन्द्रमा का आकार, उत्पत्ति एवं गति से सम्बन्धित अध्ययन इस शाखा के अन्तर्गत किया जाता है.

रेशमकीट पालन (Sericulture)

  • यह कच्चे रेशम के उत्पादन को बढ़ाने के लिए अच्छी नस्ल के रेशम कीटों के पालन करने से सम्बन्धित विज्ञान की शाखा है.

समाज शास्त्र (Sociology)

  • मानव समाज के वैज्ञानिक अध्ययन की शाखा है.

स्पेक्ट्रम विज्ञान (Spectroscopy)

  • स्पेक्ट्रोस्कोप का प्रयोग करके पदार्थ एवं ऊर्जा का वैज्ञानिक अध्ययन इसके अन्तर्गत किया जाता है.

वर्गिकी (Taxonomy)

  • जीव विज्ञान की इस शाखा के अन्तर्गत जंतुओं और पौधों को उनके गुणों एवं संरचना के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है.

टेलीपेथी (Telepathy)

  • इसके अन्तर्गत संदेदी तंत्रिकाओं (Sensorynerves) के स्थान पर अन्य किसी माध्यम से मस्तिष्क तक संवेदनाएँ भेजने की क्रिया विधि का अध्ययन किया जाता है.

चिकित्सा विज्ञान (Therapeutics)

  • इसमें रोगों के उपचार से सम्बन्धित अध्ययन किया जाता है.

ऊतक संवर्द्धन (Tissue Culture)

  • इसमें एक कोशिका को रासायनिक पदार्थों की उपस्थिति में विकसित कर पूरे शरीर का , निर्माण किया जाता है.
  • यह विज्ञान की अत्याधुनिक शाखा है, जिसमें कृत्रिम रूप से शरीर का निर्माण किया जा सकता है.

वायरस विज्ञान (Virology)

  • इसमें वायरस की सरचना व उससे उत्पन्न होने वाले रोगों का अध्ययन किया जाता है .

जंतु विज्ञान (Zoology)

  • इसमें जंतुओं की संरचना, लक्षण एवं जीवन-चक्र का अध्ययन किया जाता है.

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