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बहमनी साम्राज्य पतन के पश्चात् स्वतन्त्र राज्य-बीजापुर,बरार, गोलकुण्डा, अहमदनगर, बीदर

बहमनी साम्राज्य पतन के पश्चात् स्वतन्त्र राज्य-बीजापुर,बरार,गोलकुण्डा,अहमदनगर,बीदर

बहमनी साम्राज्य पतन के पश्चात् स्वतन्त्र राज्य

बीजापुर – युसुफ आदिलशाह

  • 1489 ई. में युसुफ आदिलशाह ने बीजापुर में स्वतन्त्र आदिलशाही वंश की स्थापना की.
  • युसुफ आदिलशाह ने महमूद गवाँ की सेना में उच्च पद प्राप्त किया तथा बहमनी साम्राज्य के पतन के पश्चात् स्वतन्त्र शासक बन गया.
  • युसुफ आदिलशाहने हिन्दुओं के साथ अच्छा व्यवहार किया तथा उन्हें उच्च पदों पर भी नियुक्त किया.
  • इस्माइल, मल्लू, इब्राहिम प्रथम, अली इब्राहिम द्वितीय, मुहम्मद अली द्वितीय आदि इस वंश के अन्य सुल्तान हुए.
  • इस वंश के सुल्तान महमूद आदिलशाह का मुगल सम्राट् शाहजहाँ से संघर्ष हुआ था.
  • 1686 ई. में औरंगजेब ने बीजापुर को मुगल साम्राज्य में विलीन कर दिया.
  • आदिलशाही सुल्तानों ने स्थापत्य कला के क्षेत्र में काफी योगदान दिया.
  • बीजापुर में इन सुल्तानों के काल में खास मस्जिद, गगन महल, इब्राहिम द्वितीय का मकबरा आदि प्रमुख इमारतें हैं.
  • फरिश्ता (मुहम्मद कासिम) ने इन्हीं सुल्तनों के संरक्षण में ऐतिहासिक ग्रन्थ ‘तारीख-ए-फरिश्ता‘ की रचना की.

बरार – फतेहउल्लाह इमादशाह

  • 1490 ई. में फतेहउल्लाह इमादशाह ने बरार में स्वयं को स्वतन्त्र शासक घोषित कर दिया.
  • फतेहउल्लाह इमादशाह ने स्वतन्त्र इमादशाही राज्य की स्थापना की.
  • इमादशाही वंश के शासकों ने 1574 ई. तक बरार पर शासन किया.
  • 1574 ई. में अहमदनगर के सुल्तान ने बरार को अपने राज्य में मिला लिया.
  • 1596 ई. में अकबर ने इस राज्य को विजित करके इसे अपने अधीन एक अलग सूबा बना दिया.

गोलकुण्डा – कुतुबशाही वंश

  • महमूदशाह बहमनी के शासन काल में ही तेलंगाना के एक तुर्की अफसर ने कुतुबशाही वंश की स्थापना की.
  • उसने 1543 ई. तक शासन किया.
  • उसके पश्चात् क्रमशः जमशेद तथा इब्राहिम शासक बने.
  • इब्राहिम ने गोलकुण्डा का शासन बहुत कुशलतापूर्वक चलाया.
  • उसका विजयनगर साम्राज्य से संघर्ष हुआ.
  • 1687 ई. में औरंगजेब ने इस स्वतन्त्र राज्य पर अपना अधिकार कर लिया.

अहमदनगर – मलिक अहमद

  • मलिक अहमद ने 1490 ई. में अहमदनगर की स्थापना की तथा अपने को स्वतन्त्र शासक घोषित करके निजामशाही वंश की स्थापना की (वह बहमनी साम्राज्य में चुनार का सूबेदार था).
  • मलिक अहमद ने अहमदनगर को अपनी राजधानी बनाया तथा 1499 ई. में उसने दौलताबाद पर भी अधिकार कर लिया.
  • मलिक अहमद ने 1508 ई. तक शासन किया.
  • मलिक अहमद के पश्चात् क्रमशः बुरहान निजामशाह तथा हुसैनशाह शासक बने.
  • हुसैनशाह ने विजयनगर के विरुद्ध संघर्ष में भाग लिया.
  • उसके पश्चात् इस वंश के शासक दुर्बल व अयोग्य सिद्ध हुए.
  • 1600 ई. में अकबर ने अहमदनगर पर विजय पाकर उसके शासक को अपना सामन्त बना लिया तथा 1636 ई. में इस राज्य को पूर्णरूप से मुगल साम्राज्य में मिला लिया गया.

बीदर – अमीर अलीबरीद

  • 1526-27 ई. में अमीर अलीबरीद ने नाममात्र बहमनी सुल्तान को अपदस्थ करके बीदर में स्वतन्त्र बीदरशाही वंश की स्थापना की.
  • विजयनगर के विरुद्ध ‘तालीकोटा के युद्ध‘ में इस वंश के शासक ने भी बीजापुर, गोलकुडा तथा अहमदनगर की संयुक्त सेनाओं की ओर से भाग लिया.
  • 1618-19 ई. में इस राज्य को बीजापुर में मिला लिया गया.

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