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उग्रवादियों का उदय, 1906-1919 (Rise of Extremist, 1906-1919)

राष्ट्रीय आंदोलन-उग्रवादियों का उदय(1906-1919)Rise of Extremist

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन-उग्रवादियों का उदय(1906-1919)Rise of Extremist– उग्रवादियों का उदय उन्नीसवीं शताब्दी के अन्तिम तथा बीसवीं शताब्दी के प्रारम्भिक वर्षों में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में एक नए दल का उदय हुआ, जो पुराने नेताओं के आदर्श तथा ढंगों का कड़ा आलोचक था. ये क्रुद्ध तरुण लोग (Angry youngmen) चाहते थे कि कांग्रेस का उद्देश्य स्वराज्य […]

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उदारवादी युग 1885-1905 (Moderate Period)

उदारवादी युग (चरण) 1885-1905 (Moderate Period)भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन

उदारवादी युग (उदारवादी चरण) 1885-1905 (Moderate Period)– उदारवादी युग 1885-1905 तक भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में अर्थात् कांग्रेस पर पूरी तरह से उदारवादियों का प्रभाव रहा. इस काल में कांग्रेस का नेतृत्व करने वाले नेता ब्रिटिश उदारवाद से प्रभावित थे. जिन्होंने 20 साल तक कांग्रेस की बागडोर संभाली. इनमें प्रमुख थे- सुरेन्द्र नाथ बनर्जी, दादाभाई नौरोजी,

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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना Foundation of the Indian National Congress

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना(Foundation of the Indian National Congress)

कांग्रेस की स्थापना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना(Foundation of the Indian National Congress)– भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के इतिहास को देखने से स्पष्ट होता है कि इसका विकास तीन मुख्य चरणों में हुआ. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उत्पत्ति (The Genesis of the Indian National Congress) कांग्रेस का अधिवेशन (The Congress Session) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दूसरा अधिवेशन

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आधुनिक राजनीतिक विचारों तथा राजनीतिक संघो का विकास (Growth of Modern Political Ideas and Political Association)

आधुनिक राजनीतिक विचारों तथा राजनीतिक संघो का विकास (Growth of Modern Political Ideas and Political Association)

आधुनिक राजनीतिक विचारों तथा राजनीतिक संघों का विकास (Growth of Modern Political Ideas and Political Association)-भारत में पाश्चात्य संस्कृति व विचारों की उपस्थिति ने अनेक ऐसी शक्तियों के जन्म में सहायता प्रदान की जो बाद में ब्रिटिश साम्राज्यवाद के लिए गंभीर चुनौतियों का कारण बन गई थी. पाश्चात्य संस्कृति की उपस्थिति के फलस्वरूप ही भारत

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राष्ट्रवाद का उदय Rise of Nationalism

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन-राष्ट्रवाद का उदय (Rise of Nationalism)

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन-राष्ट्रवाद का उदय (Rise of Nationalism)-भारत में संगठित राष्ट्रीय आंदोलन उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में प्रारम्भ हुआ था. मुख्य रूप से ब्रिटिश साम्राज्यवाद (British Imperialism) की नीतियों की चुनौतियों के प्रत्युत्तर में भारतीयों ने एक राष्ट्र के रूप में सोचना प्रारम्भ किया था. भारतीयों में राष्ट्रीय भावना के विकास तथा भारत में राष्ट्रीय

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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन-1857 के विद्रोह का स्वरूप Nature of the revolt of 1857

1857 के विद्रोह का स्वरूप Nature of the revolt of 1857

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन–1857 के विद्रोह का स्वरूप (Nature of the revolt of 1857)– 1857 के विद्रोह का स्वरूप इतिहासकारों ने 1857 के विद्रोह क्रांति के स्वरूप को अलग-अलग दृष्टिकोणों से प्रस्तुत किया है. कुछ इतिहासकारों ने इसे एक केवल सैनिक विद्रोह बतलाया है.  जिसे जनसाधारण का समर्थन प्राप्त नहीं था. कुछ अन्य ने इसे ईसाइयों

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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन-शुरुआती विद्रोह(The early Uprisings)

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन-शुरुआती विद्रोह(The early Uprisings)

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन-शुरुआती विद्रोह(The early Uprisings)-सही मायने में देश के अंदर राष्ट्रीय आंदोलन की शुरुआत 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हुई थी. परंतु इसके पूर्व भी अर्थात 1757 से 1856 के बीच संपूर्ण देश में अलग अलग समयों में अलग-अलग स्थान पर विद्रोह हुए. जिसमें विदेशी राज्य तथा उनकी नीतियों से उत्पन्न कठिनाइयों के विरुद्ध

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11 July World population day

11 जुलाई विश्व जनसंख्या दिवस (World population day)- जुलाई 1987 में हुई थी शुरुआत .

विश्व जनसंख्या दिवस (World population day) के मौके पर यूनाइटेड नेशन के अंदाज से वर्ष 2050 तक विश्व की आबादी 9.80 अरब हो सकती है. यह आंकड़ा आज के मुकाबले 30% ज्यादा हो सकता है. दुनिया में हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस (World population day) मनाया जाता रहा है. इसे मनाने का

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Snake and hacksaw

कहानियां – सांप और आरी (करवत) Snake and hacksaw

नमस्ते दोस्तों आज हम सांप और आरी (Snake and  hacksaw)की कहानी को समझेंगे, एक घना जंगल था. उस जंगल में बहुत सारे बड़े-बड़े विशाल पेड़ थे. पेड़ काटने के लिए एक लकड़हारा रोज अपनी आरी लेकर जंगल जाया  करता था. उस लकड़हारे को जंगल में एक काटने जैसा पेड़ मिल गया. और वह लकड़हारा वह

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