शेरशाह सूरी और उसके उत्तराधिकारी (Sher Shah Suri and his successor)

शेरशाह सूरी और उसके उत्तराधिकारी (Sher Shah Suri and his successor)

शेरशाह सूरी और उसके उत्तराधिकारी (Sher Shah Suri and his successor) शेरशाह सूरी शेरशाह का असली नाम फरीद था. उसका जन्म 1472 ई. में पंजाब में हुआ था. उसके पिता हसन खाँ की चार पत्नियाँ और आठ पुत्र थे. उसे अपनी सौतेली माँ और पिता से उसे सच्चा स्नेह प्राप्त नहीं हुआ. 1494 ई. में वह …

शेरशाह सूरी और उसके उत्तराधिकारी (Sher Shah Suri and his successor) Read More »

हुमायूँ (1530-56 ई.) Humayun मुगल साम्राज्य (The Mughal Empire)

हुमायूँ नासिरुद्दीन मुहम्मद (1530-56 ई.) Humayun Nasir-ud-Din Muḥammad |मुगल साम्राज्य

हुमायूँ नासिरुद्दीन मुहम्मद(1530-56 ई.) Humayun Nasir-ud-Din Muḥammad हुमायूँ  (1530-56 ई.) Humayun ‘नासिरुद्दीन मुहम्मद हुमायूँ’ का जन्म 6 मार्च, 1508 ई. में काबुल में हुआ था. उसकी माता “महिम बेगम’ शिया मत में विश्वास रखती थी . हुमायूँ बाबर के चार पुत्रों-हुमायूँ, कामरान, अस्करी तथा हिन्दाल में सबसे बड़ा था. उसे ही बाबर ने अपना उत्तराधिकारी …

हुमायूँ नासिरुद्दीन मुहम्मद (1530-56 ई.) Humayun Nasir-ud-Din Muḥammad |मुगल साम्राज्य Read More »

बाबर (जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर) (1526-30 ई.) zahiruddin Muhammad Babur

बाबर (जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर) (1526-30 ई.) Zahiruddin Muhammad Babur

जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर (1526-30 ई.) Zahiruddin Muhammad Babur बाबर (1526-30 ई.) जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर का जन्म 1483 ई. में मध्य एशिया के एक छोटे-से राज्य फरगना में हुआ. वह तैमूर और चंगेज खाँ का वंशज था. जब वह 11 वर्ष 4 मास का ही था, उसके पिता उमरशेख मिर्जा का देहान्त हो गया तथा बाबर …

बाबर (जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर) (1526-30 ई.) Zahiruddin Muhammad Babur Read More »

सूफी मत भक्ति आन्दोलन मध्यकालीन भारत (Sufism-Bhakti Movement in Medieval India)

सूफी मत भक्ति आन्दोलन मध्यकालीन भारत (Sufism-Bhakti Movement in Medieval India)

सूफी मत भक्ति आन्दोलन मध्यकालीन भारत  (Sufism-Bhakti Movement in Medieval India) सूफी मत महमूद गजनवी की पंजाब विजय के पश्चात् कई सूफी सन्त भारत आये. सूफी शब्द की उत्पत्ति के सम्बन्ध में विद्वानों के कई विचार हैं. कुछ का विचार है कि इस शब्द की उत्पत्ति ‘सफा‘ अर्थात् ‘पवित्र‘ शब्द से हुई. एक मत यह …

सूफी मत भक्ति आन्दोलन मध्यकालीन भारत (Sufism-Bhakti Movement in Medieval India) Read More »

भक्ति आन्दोलन मध्यकालीन भारत (The Bhakti Movement in Medieval India)

भक्ति आन्दोलन मध्यकालीन भारत (The Bhakti Movement in Medieval India)

भक्ति आन्दोलन मध्यकालीन भारत  (The Bhakti Movement in Medieval India) भक्ति आन्दोलन भक्ति आन्दोलन से भाव उस आन्दोलन से है जो तुकों के आगमन से पूर्व से ही यहाँ चल रहा था तथा अकबर के काल तक चलता रहा. इस आन्दोलन ने मानव और ईश्वर के मध्य रहस्यवादी सम्बन्धों को स्थापित करने पर बल दिया. …

भक्ति आन्दोलन मध्यकालीन भारत (The Bhakti Movement in Medieval India) Read More »

मध्यकालीन भारत स्थापत्य कला में प्रांतीय शैलियों का योगदान (provincial style in architecture)

मध्यकालीन भारत स्थापत्य कला में प्रांतीय शैलियों का योगदान (provincial style in architecture)

स्थापत्य कला में प्रांतीय शैलियों का योगदान बंगाल यहाँ की स्थानीय शैली के अंतर्गत निर्मित अधिकांश इमारतों में पत्थर के स्थान पर ईंटों का प्रयोग किया गया. बाँस की इमारतों से ली गई हिन्दू मंदिरों की लहरिएदार कार्निसो की परम्परागत शैली का मुसलमानी अनुकरण, छोटे-छोटे खम्भों पर नुकीली मेहराबें तथा कमल जैसे सुन्दर खुदाई के …

मध्यकालीन भारत स्थापत्य कला में प्रांतीय शैलियों का योगदान (provincial style in architecture) Read More »

मध्यकालीन भारत - प्रान्तीय राजवंश (Medieval India - Provincial Dynasty in Hindi)

मध्यकालीन भारत प्रान्तीय राजवंश (Medieval India – Provincial Dynasty in Hindi)

प्रान्तीय राजवंश खान देश मालिक राजा फारुकी मालिक राजा फारुकी ने ताप्ती नदी (तापी नदी) घाटी क्षेत्र में स्थित खान देश के स्वतंत्र मुस्लिम राज्य की स्थापना सुल्तान फिरोजशाह तुगलक की मृत्यु के उपरांत 1382 ई. में की. यहाँ सभी सुल्तानों ने खान की उपाधि धारण की इसलिए इसका नाम खान देश पड़ा. खान देश …

मध्यकालीन भारत प्रान्तीय राजवंश (Medieval India – Provincial Dynasty in Hindi) Read More »

बहमनी साम्राज्य पतन के पश्चात् स्वतन्त्र राज्य-बीजापुर,बरार,गोलकुण्डा,अहमदनगर,बीदर

बहमनी साम्राज्य पतन के पश्चात् स्वतन्त्र राज्य-बीजापुर,बरार, गोलकुण्डा, अहमदनगर, बीदर

बहमनी साम्राज्य पतन के पश्चात् स्वतन्त्र राज्य बीजापुर – युसुफ आदिलशाह 1489 ई. में युसुफ आदिलशाह ने बीजापुर में स्वतन्त्र आदिलशाही वंश की स्थापना की. युसुफ आदिलशाह ने महमूद गवाँ की सेना में उच्च पद प्राप्त किया तथा बहमनी साम्राज्य के पतन के पश्चात् स्वतन्त्र शासक बन गया. युसुफ आदिलशाहने हिन्दुओं के साथ अच्छा व्यवहार किया …

बहमनी साम्राज्य पतन के पश्चात् स्वतन्त्र राज्य-बीजापुर,बरार, गोलकुण्डा, अहमदनगर, बीदर Read More »

बहमनी साम्राज्य (Bahmani Empires in Hindi)

बहमनी साम्राज्य (Bahmani Empires in Hindi)हसन गंगू बहामनी

बहमनी साम्राज्य (Bahmani Empires in Hindi)हसन गंगू बहामनी(Hasan Gangu bahmani)-सुल्तान मुहम्मद तुगलक के शासन काल (1325-51 ई.) में दिल्ली सल्तनत के कई अमीरों ने विद्रोह कर दिए थे. दक्षिण में फारस के सुल्तान बहमनदीन इस्कन्दियार का वंशज ‘हसन गंगू ‘ (हसन गंगू बहामनी)1347 ई. में विद्रोह करके स्वतन्त्र हो गया. हसन गंगू  11 अगस्त, 1347 ई. …

बहमनी साम्राज्य (Bahmani Empires in Hindi)हसन गंगू बहामनी Read More »

विजयनगर साम्राज्य-सामाजिक दशा,आर्थिक दशा,कला एवं साहित्य

विजयनगर साम्राज्य सामाजिक दशा,आर्थिक दशा,कला एवं साहित्य

विजयनगर साम्राज्य सामाजिक दशा,आर्थिक दशा,कला एवं साहित्य सामाजिक दशा विजयनगर समाज वैदिक और शास्त्रीय परम्पराओं के आधार पर कई वर्गों और जातियों में बंटा था. फिर भी प्रमुख वर्ग चार थे–ब्राह्मण, क्षत्रिय,वैश्य वर्ण (चेट्टी) तथा निम्न वर्ग . ब्राह्मण ब्राह्मणों को समाज में सर्वोच्च स्थान प्राप्त था. ब्राह्मणों को कठोर दण्ड से मुक्त रखा गया …

विजयनगर साम्राज्य सामाजिक दशा,आर्थिक दशा,कला एवं साहित्य Read More »

Scroll to Top