भारतीय इतिहास

सय्यद कालीन वास्तुकला (Sayyad period Architecture)

सय्यद कालीन वास्तुकला (Sayyad period Architecture)

सय्यद कालीन वास्तुकला (Sayyad period Architecture)-इस काल में निर्मित भवनों में नवीनता और सुन्दरता का अभाव मिलता है. स्थापत्य कला पतन की ओर अग्रसर हो गई थीं इस काल में खिज्र खाँ ने ‘खिज्राबाद‘ एवं मुबारक शाह ने ‘मुबारकाबाद‘ नामक नगर का निर्माण करवाया. मुबारक शाह सैय्यद का मकबरा लाल पत्थरों से निर्मित इस अष्टभुजाकार […]

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तुगलक काल में वास्तुकला (Architecture in the Tughlaq period)

तुगलक काल में वास्तुकला (Architecture in the Tughlaq period)

तुगलक काल में वास्तुकला (Architecture in the Tughlaq period)–तुगलक काल में सुल्तानों ने इमारतों की भव्यता व सुन्दरता के स्थान पर सादगी और विशालता पर अधिक बल दिया तथा मितव्ययिता की नीति अपनाई. इस काल की प्रमुख इमारतें निम्न हैं तुगलकाबाद इसका निर्माण गयासुद्दीन तुगलक ने दिल्ली के पास ऊंची पहाड़ियों पर करवाया था. उसने इसमें

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गुलाम तथा खिलजी कालीन वास्तुकला (Ghulam and Khilji period Architecture)

गुलाम तथा खिलजी कालीन वास्तुकला (Ghulam and Khilji period Architecture)

गुलाम तथा खिलजी कालीन वास्तुकला (Ghulam and Khilji period Architecture)–यह स्थापत्य कला के विकास की प्रथम अवस्था मानी जाती है. सल्तनत काल का आरम्भिक समय होने के कारण इस काल की इमारतों पर हिन्दू-शैली का पर्याप्त प्रभाव देखने को मिलता है. खिलजी काल में निर्मित भवनों में निर्माण तथा अलंकण की विधि में परिवर्तन हुआ.

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सल्तनत कालीन आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास ( Economic and Cultural Development)

सल्तनत कालीन आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास ( Economic and Cultural Development)

सल्तनत कालीन आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास ( Economic and Cultural Development) सल्तनत कालीन आर्थिक विकास (Sultanate period Economic Development) दिल्ली सल्तनत कालीन आर्थिक दशा के बारे में हमें बहुत सीमित जानकारी प्राप्त होती है, क्योंकि तत्कालीन इतिहासकारों की विशेष रुचि राजनीतिक घटनाओं में अधिक थी. फिर भी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर

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सल्तनत काल कृषि एवं राजस्व व्यवस्था (Sultanate period agriculture and revenue system)

सल्तनत काल कृषि एवं राजस्व व्यवस्था (Sultanate period agriculture and revenue system)

सल्तनत काल कृषि एवं राजस्व व्यवस्था (Sultanate period agriculture and revenue system)-सल्तनत काल में राज्य की समस्त भूमि मुख्यतः चार वर्गों में विभक्त थी सल्तनत काल कृषि एवं राजस्व व्यवस्था Sultanate period agriculture and revenue system 1. अक्ता इस भूमि से मुक्ति व वली लगान वसूल करते थे तथा अपना खर्च चलाने के पश्चात् बची राशि

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सल्तनत काल प्रान्तीय तथा स्थानीय शासन (Sultanate period provincial and local government)

सल्तनत काल प्रान्तीय तथा स्थानीय शासन (Sultanate period provincial & local government)

सल्तनत काल प्रान्तीय तथा स्थानीय शासन (Sultanate period provincial & local government)-शासन को सुचारु रूप से चलाने हेतु सुल्तानों ने भी अपने साम्राज्य को क्रमबद्ध इकाइयों में विभाजित किया. शासन सुविधा की दृष्टि में सल्तनत को अनेक प्रान्तों में विभक्त किया गया. प्रान्तों को ‘इक्ता‘ कहा जाता था. अवध, बिहार, बंगाल, बदायूँ, लाहौर आदि उस समय

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सल्तनत काल न्याय प्रशासन (Sultanate Justice administration)

सल्तनत काल न्याय प्रशासन (Sultanate Justice administration)

सल्तनत काल न्याय प्रशासन (Sultanate Justice administration)-मुस्लिम कानून के चार स्रोत कुरान, हदीस, इजमा एवं कयास थे. इनके नियमों के आधार पर न्यास किया जाता था. कुरान यह मुसिल्म कानून का प्रमुख स्रोत था. इसके नियमों की सहायता से प्रशासकीय समस्याओं का समाधान किया जाता था. हदीस इस ग्रन्थ में पैगम्बर के कार्यों और कथनों

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सल्तनत काल- सैनिक प्रशासन (Sultanate Era - Military Administration)

सल्तनत काल सैनिक प्रशासन (Sultanate Era Military Administration)

सल्तनत काल सैनिक प्रशासन (Sultanate Era Military Administration)-दिल्ली सल्तनत की शासन व्यवस्था मुख्यतः सैनिक शक्ति पर आधारित थी.  सुल्तान की सेना में मुख्यतः चार प्रकार के सैनिक थे- सुल्तान द्वारा रखे गए स्थायी सैनिक. सरदारों तथा प्रान्ताध्यक्षों द्वारा रखे गए स्थायी सैनिक. युद्ध के समय भर्ती किए गए (अस्थायी) सैनिक. जिहाद (धर्म युद्ध) लड़ने वाले

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सल्तनत काल- केन्द्रीय प्रशासन (Sultanate - Central Administration)

सल्तनत काल केन्द्रीय प्रशासन (Sultanate – Central Administration)

सल्तनत काल केन्द्रीय प्रशासन (Sultanate-Central Administration)-प्रशासन के सुचारु संचालन हेतु सुल्तान मन्त्रियों की नियुक्ति करके उन्हें विभिन्न विभाग सौंपता था. इस काल में मन्त्रिपरिषद् को ‘मजलिस-ए-खलवत कहा जाता था. दास वंश के काल में मन्त्रियों की संख्या चार थी, किन्तु कालान्तर में यह संख्या बढ़ कर 6 हो गई थी. वजीर आरिज-ए-मुमालिक दीवान-ए-रसालत दीवान-ए-इंशा सद्ग-उस-सुदूर.

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सल्तनत कालीन प्रशासन, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास तथा सामाजिक और धार्मिक अवस्था (The Sultanate-Administration, Economic and Cultural Development and Social and Religious Conditions)

सल्तनत कालीन प्रशासन, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास तथा सामाजिक और धार्मिक अवस्था

सल्तनत कालीन प्रशासन, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास तथा सामाजिक और धार्मिक अवस्था-सल्तनत काल में सुल्तानों ने भारतीय शासन व्यवस्था के स्थान पर अरबी-फारसी पद्धति पर आधारित शासन व्यवस्था प्रचलित की. ‘खलीफा इस्लामिक संसार का, पैगम्बर के बाद का सर्वोच्च नेता होता था. किन्तु वह सुल्तानों का नाम मात्र का ही मुखिया होता था. सुल्तानों के

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