भारतीय इतिहास

सविनय-अवज्ञा आंदोलन की पुनरावृत्ति (Revival of the Civil Disobedience) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement)

सविनय-अवज्ञा आंदोलन की पुनरावृत्ति (Revival of the Civil Disobedience)

सविनय-अवज्ञा आंदोलन की पुनरावृत्ति (Revival of the Civil Disobedience) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement) जब गांधीजी इंग्लैण्ड में थे ब्रिटिश सरकार ने आंदोलन को बुरी तरह दबाने की कोशिश की थी. इस बीच देश के अनेक भागों में किसानों में असंतोष की लहर फैल चुकी थी. विश्वव्यापी मंदी के कारण खेतिहर पैदावारों के दाम […]

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द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (Second Round Table Conference) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement)

द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (Second Round Table Conference)

द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (Second Round Table Conference) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement) द्वितीय गोलमेज सम्मेलन के समय ब्रिटेन के सर्वदलीय मंत्रिमण्डल में अनुदारवादियों का बहुमत था. अनुदारवादियों ने सेमुअल हाक को भारत मंत्री एवं लार्ड विलिंग्टन को भारत का वायसराय बनाया. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन 7 सितम्बर, 1931 को शुरू हुआ. गांधीजी 12 सितम्बर को

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प्रथम गोलमेज सम्मेलन और गांधी-इरविन समझौता (First Round Table Conference and the Gandhi-Irwin Pact) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement)

प्रथम गोलमेज सम्मेलन और गांधी-इरविन समझौता (First Round Table Conference and the Gandhi-Irwin Pact)

प्रथम गोलमेज सम्मेलन और गांधी-इरविन समझौता (First Round Table Conference and the Gandhi-Irwin Pact) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement) ब्रिटिश सरकार ने भारत की संवैधानिक गुत्थी सुलझाने के लिए 12 नवंबर, 1930 को प्रधानमंत्री मैक्डोनेल्ड की अध्यक्षता में पहला गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया जिसका उद्देश्य साइमन कमीशन की रिपोर्ट पर विचार करना था. कांग्रेस

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सविनय अवज्ञा आंदोलन और साम्प्रदायिक निर्णय (Civil Disobedience Movement and Communal Award) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement)

सविनय अवज्ञा आंदोलन और साम्प्रदायिक निर्णय (Civil Disobedience Movement and Communal Award)

सविनय अवज्ञा आंदोलन और साम्प्रदायिक निर्णय (Civil Disobedience Movement and Communal Award) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement) सविनय अवज्ञा आंदोलन और साम्प्रदायिक निर्णय (Civil Disobedience Movement and Communal Award) ग्यारह सूत्रीय प्रस्ताव (Eleven points proposal) महात्मा गांधीजी ने वायसराय के सामने एक प्रस्ताव रखा कि यदि वह उनकी ‘ग्यारह सूत्रीय’ (Eleven Points) मांग को

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कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन : पूर्ण स्वराज्य (Lahore Congress Session: Poorna Swaraj) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement)

कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन : पूर्ण स्वराज्य (Lahore Congress Session: Poorna Swaraj)

कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन : पूर्ण स्वराज्य (Lahore Congress Session: Poorna Swaraj) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement) कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन : पूर्ण स्वराज्य (Lahore Congress Session: Poorna Swaraj) इस समय तक महात्मा गांधीजी पुनः सक्रिय राजनीति में वापस लौट आए थे तथा दिसम्बर, 1928 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में शामिल हुए. कांग्रेस का

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नेहरु रिपोर्ट (Nehru Report) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement)

नेहरु रिपोर्ट (Nehru Report) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement)

नेहरु रिपोर्ट (Nehru Report in hindi) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement) ब्रिटिश कैबिनेट के अनुदार दल के भारत मंत्री लार्ड बर्केनहेड ने 24 नवम्बर, 1027 में भारतीयों के सामने यह चुनौती रखी कि वे एक ऐसे संविधान का निर्माण कर ब्रिटिश संसद के समक्ष पेश करें जिससे सारे भारतीय संतुष्ट हों. उनका मानना था

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साइमन कमीशन (Simon Commission) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement)

साइमन कमीशन (Simon Commission) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन

साइमन कमीशन (Simon Commission) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement) साइमन कमीशन (Simon Commission in Hindi) साइमन कमीशन का गठन और उद्देश्य साइमन कमीशन के गठन के बाद आंदोलन के इस नए चरण को बल मिला. 1919 के भारतीय शासन अधिनियम की अन्तिम धारा में कहा गया था कि भारत में संवैधानिक सुधारों की छानबीन

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क्रान्तिकारी-आतंकवाद का दूसरा चरण (Second Phase of Revolutionary Terrorism) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन Indian National Movement

क्रान्तिकारी-आतंकवाद का दूसरा चरण (Second Phase of Revolutionary Terrorism) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन

क्रान्तिकारी-आतंकवाद का दूसरा चरण (Second Phase of Revolutionary Terrorism) भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन Indian National Movement क्रान्तिकारी-आतंकवाद का दूसरा चरण (Second Phase of Revolutionary) असहयोग आंदोलन के पूर्णतया असफल होने से आतंकवाद में पुनः उग्रता आई. अक्टूबर, 1924 में समस्त क्रान्तिकारी दलों का कानपुर में एक सम्मेलन बुलाया गया, जिसमें सचिन्द्रनाथ सान्याल, जगदीश चन्द्र चैटर्जी तथा

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आधुनिक भारत में दलित जातीय आन्दोलन (DEPRESSED CLASS MOVEMENT IN INDIA) आधुनिक भारत (MODERN INDIA)

आधुनिक भारत में दलित जातीय आन्दोलन (DEPRESSED CLASS MOVEMENT IN INDIA)

आधुनिक भारत में दलित जातीय आन्दोलन (DEPRESSED CLASS MOVEMENT IN INDIA) आधुनिक भारत (MODERN INDIA) आधुनिक भारत दलित जातीय आन्दोलन (DEPRESSED CLASS MOVEMENT IN INDIA) 19वीं शताब्दी के सामाजिक और धार्मिक सुधार आन्दोलनों के प्रवर्तक उच्च वर्गीय हिन्दू थे. इन्होंने अस्पृश्यता और जात-पांत की समाप्ति के लिए अनेक प्रयास किए. किन्तु इन्हें अपने प्रयासों में

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आधुनिक भारत में पुनर्जागरण (THE RENAISSANCE IN MODERN INDIA) आधुनिक भारत (MODERN INDIA)

आधुनिक भारत में पुनर्जागरण (THE RENAISSANCE IN MODERN INDIA)

आधुनिक भारत में पुनर्जागरण (THE RENAISSANCE IN MODERN INDIA) आधुनिक भारत (MODERN INDIA) आधुनिक भारत में पुनर्जागरण (THE RENAISSANCE IN MODERN INDIA) ब्रिटिश शासन ने भारतीय समाज को बहुत गहन रूप से प्रभावित किया. अंग्रेजों से पूर्व भी अनेक विदेशी आक्रान्ता भारत में आए किन्तु वे भारतीय समाज और संस्कृति में घुलमिल गए. उन्होंने भारतीय

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