विजयनगर साम्राज्य-सामाजिक दशा,आर्थिक दशा,कला एवं साहित्य

विजयनगर साम्राज्य सामाजिक दशा,आर्थिक दशा,कला एवं साहित्य

विजयनगर साम्राज्य सामाजिक दशा,आर्थिक दशा,कला एवं साहित्य सामाजिक दशा विजयनगर समाज वैदिक और शास्त्रीय परम्पराओं के आधार पर कई वर्गों और जातियों में बंटा था. फिर भी प्रमुख वर्ग चार थे–ब्राह्मण, क्षत्रिय,वैश्य वर्ण (चेट्टी) तथा निम्न वर्ग . ब्राह्मण ब्राह्मणों को समाज में सर्वोच्च स्थान प्राप्त था. ब्राह्मणों को कठोर दण्ड से मुक्त रखा गया …

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विजयनगर साम्राज्य का प्रशासन (Administration of Vijayanagara Empires) केन्द्रीय शासन (Central government)

विजयनगर साम्राज्य का प्रशासन (Administration of Vijayanagara Empires)

विजयनगर साम्राज्य का प्रशासन (Administration of Vijayanagara Empires) केन्द्रीय शासन (Central government) राजा विजयनगर सिद्धान्ततः निरंकुश राजतन्त्र था. राजा ही सम्पूर्ण शक्ति यथा-सैनिक, असैनिक तथा न्यायिक आदि का केन्द्र था. फिर भी राजा की निरंकुशता पर व्यापारिक निगम, धार्मिक संस्थाओं, केन्द्रीय मन्त्री-मण्डल, ग्रामीण संस्थाएं आदि रोक लगाती थीं. धार्मिक दृष्टि से वे सहिष्णु थे. कई …

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विजयनगर साम्राज्य (The Vijayanagara Empires)संगम राजवंश,सालुव वंश,तुलुव वंश

विजयनगर साम्राज्य (The Vijayanagara Empires)संगम राजवंश,सालुव वंश,तुलुव वंश

विजयनगर साम्राज्य (The Vijayanagara Empires)संगम राजवंश,सालुव वंश,तुलुव वंश-सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक के शासन काल (1324-51 ई.) के अन्तिम समय में मुहम्मद बिन तुगलक की गलत नीतियों के कारण सारे साम्राज्य में अव्यवस्था फैल गई तथा अनेक प्रदेशों ने स्वतन्त्रता की घोषणा कर दी. 1336 ई. में पाँच भाईयों (हरिहर, कम्पा प्रथम, बुक्का प्रथम, मारप्पा तथा मदुप्पा …

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