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महमूद गजनी (गज़नवी) के आक्रमणों के प्रभाव-मध्यकालीन भारत

महमूद गजनी (गज़नवी) के आक्रमणों के प्रभाव-मध्यकालीन भारत

 

महमूद गजनी (गज़नवी) के आक्रमणों के प्रभाव इस प्रकार है-

– भारत में मुस्लिम राज्य की स्थापना के लिए मार्ग प्रशस्त हुआ.

– महमूद गजनवी के आक्रमणों का आर्थिक प्रभाव भारतीय शहरों तथा मन्दिरों पर अच्छा नहीं पड़ा. यहाँ से लूटी धनराशि से उसने एक विशाल तथा स्थाई सेना रखी, जिसने उसके साम्राज्य की मध्य एशियायी शक्तियों से रक्षा की तथा साम्राज्य वृद्धि में सहायता दी.

– पंजाब, मुल्तान एवं कुछ अन्य भारतीय भागों में निश्चित रूप से इस्लाम का प्रसार हुआ.

– महमूद के लगातार आक्रमणों के कारण अनेक सुन्दर मूर्तियाँ, मन्दिर तथा कलात्मक नमूने नष्ट हो गए.

– महमूद अपने साथ अनेक भारतीय कारीगर ले गया था. अतः भारतीय कला का मध्य एशिया में प्रसार हुआ.

महमूद गजनवी के आक्रमण के समय मुहम्मद-बिन-अहमद (अल-बरुनी) भारत आया. उसने अपनी पुस्तक ‘किताबुल-हिन्द’ (तहकीक-ए-हिन्द) में तत्कालीन भारतीय समाज, धर्म, राजनीति दर्शन, गणित, भूगोल, खगोल इत्यादि की सुन्दर समीक्षा की.

– लाहौर फारसी संस्कृति का केन्द्र बन गया तथा कालान्तर में भारत में तुर्की-फारसी प्रशासनिक संस्थाओं का गठन हुआ.

– भारत के राजपरिवारों पर इन आक्रमणों का बहुत बुरा प्रभाव पड़ा. कुछ परिवारों का तो नामो-निशान ही मिट गया.

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