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भारत पर मंगोल आक्रमण | सल्तनत काल | Mongol Invasion of India on Sultanate Era

भारत पर मंगोल आक्रमण सल्तनत काल Mongol invasion of India on Sultanate era

भारत पर मंगोल आक्रमण

  • मंगोलों ने लगभग एक शताब्दी तक भारत में मुस्लिम साम्राज्य के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया था.
  • उनका उद्देश्य इस देश में बादशाहत कायम करने की अपेक्षा लूटमार करना अधिक था.

भारत पर मंगोल आक्रमण सल्तनत काल Mongol invasion of India on Sultanate era

 

  • मंगोल निर्दयी थे और उन्होंने लोगों पर हर प्रकार के अमानवीय अत्याचार किए.
  • शायर अमीर खुसरो ने भी उनके चंगुल में फंस कर बहुत यातनाएं झेलीं.

इल्तुतमिश के काल में

  • भारत पर मंगोल आक्रमण सुल्तान इल्तुतमिश के काल में 1221 ई. में चंगेज खाँ के नेतृत्व में हुए मगर उसके हमले को सुल्तान ने बड़ी बुद्धिमत्ता से टाल दिया.
  • लगभग 20 वर्ष पश्चात् 1241 ई में मंगोलों ने हलाकू के लेफ्टीनेंट तायर के अधीन मुल्तान तथा दिसम्बर 1241 ई. में लाहौर पर अधिकार करके खूब लूट-मार की.
  • सुल्तान बहराम शाह की भेजी गई सेना भी पराजित हुई. लुट-मार करके मंगोल स्वयं वापस चले गये.

बलबन के शासनकाल में

  • बलबन के शासनकाल में मंगोलों का खतरा ज्यादा ही बढ़ गया.
  • 1279 ई. व 1285 ई. में मंगोलों के दो महत्वपूर्ण आक्रमणों ने बलबन की शक्ति व साधनों को भारी क्षति पहुंचाई.
  • बलबन का पुत्र शाहजादा मुहम्मद मंगोलों से लड़ता हुआ मारा गया.
  • बलबन ने मंगोल आक्रमण रोकने हेतु महत्वपूर्ण कदम उठाए.
  • उसने पुराने किलों की मरम्मत की, नए दुर्ग बनवाए और शेर खाँ संकर जैसे योग्य सेनानायकों को सीमा पर नियुक्त किया.
  • मंगोलों ने गजनी के तमरखान के अधीन कैकबाद के राज्यकाल में पुनः आक्रमण किया.
  • मगर बलबन के सुरक्षा प्रबन्ध अभी दृढ़ होने के कारण वे पराजित हुए व लौट गए.
  • 1292 ई. में हलाकू के पोते अब्दुल्ला के नेतृत्व में मंगोलों ने सुनाम में लूटमार की.

जलालुद्दीन खिलजीके काल में

  • सुल्तान जलालुद्दीन खिलजी उन्हें पराजित करने में सफल हुआ.
  • इसी समय चंगेज खाँ का वंशज उलूग खाँ अनेक मंगोलों के साथ इस्लाम ग्रहण करके दिल्ली के बाहर एक बस्ती बसा कर रहने लगा जो बाद में ‘मुगलपुरा’ के नाम से प्रसिद्ध हुई.

अलाउद्दीन खिलजी के काल में

  • अलाउद्दीन खिलजी को एक दर्जन से भी अधिक मंगोल आक्रमणों का सामना करना पड़ा.
  • ये आक्रमण 1296 ई. से 1308 ई. तक जारी रहे. 1296 ई. में मंगोलों को जफर खाँ ने पराजित किया.
  • 1297 ई. में मंगोल कादिर के नेतृत्व में फिर आ धमके मगर फिर उन्हें पराजित कर दिया गया.
  • 1298 ई. में सोल्दी के अधीन वे बोलन दरें से होते हुए आए.
  • जफर खाँ ने उन्हें पराजित किया व सोलदी व 17,000 मंगोलों को बन्दी बना कर दिल्ली भेजा गया.
  • 1299 ई. में मंगोल कुतलग के अधीन फिर आ धमके.
  • जफर खाँ ने उन्हें पराजित किया किन्तु जफर खाँ शहीद हुआ. 1303 ई. में मंगोल तागी के नेतृत्व में आए तथा उन्होंने दिल्ली को घेर लिया.
  • सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी उस समय चित्तौड़ विजय पर गया हुआ था.
  • जब वह वापस लौटा तो उसे स्वयं सिरी के किले में 2 महीने तक शरण लेनी पड़ी.
  • 1305 ई. में अलीबेग, तार्ताक, एवं तार्गी के अधीन मंगोलों ने अमरोह पर आक्रमण किया परन्तु मलिक काफूर व गाजी मलिक ने उन्हें पराजित किया.
  • सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के समय अन्तिम मंगोल आक्रमण (Mongol invasion) इकबालमन्द के नेतृत्व में 1308 ई. में हुआ.
  • मगर वह गाजी मलिक (गयासुद्दीन तुगलक) द्वारा रावी नदी के तट पर पराजित हुआ व मारा गया.
  • इस प्रकार अलाउद्दीन खिलजी ने अपने शासन काल में मंगोलों के सबसे अधिक एवं सबसे भयानक आक्रमणों का सामना करते हुए सफलता प्राप्त की.

 

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